Friday, October 21, 2016

बहुत ज्यादा इस्तेमाल आने वाले इन शब्दों का fullform जानतें हैं आप


बहुत ज्यादा इस्तेमाल आने वाले इन शब्दों का fullform जानतें हैं आप


short शब्दों का चलन इतना हो गया है की लोगो को ये भी नहीं पता होता कि इनके fullform भी हो सकते हैं कुछ शब्द तो ऐसे हैं जिनको हम इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन उनका fullform हमें नहीं पता होता और न ही हमने कभी सोचा की इनका fullform भी हो सकता है देखिए ये हैं वो शब्द आपको कितना पता है

ZIP Code: "Zone Improvement Plan" Code (ज़ोन इम्प्रूवमेंट प्लान कोड)

GPS: Global Positioning System (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम)


AM: Anti Meridiem (एंटी मेरिडियम)


PM: Post Meridiem (पोस्ट मेरिडियम) 



ATM: Automated Teller Machine (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) 



CTC: Cost To Company (कॉस्ट टू कंपनी) 



USB: Universal Serial Bus (यूनिवर्सल सीरियल बस) 



VIRUS: Vital Information Resources Under Seize (वाइटल इंफॉर्मेशन रिसोर्सस अंडर सेज) 



GOOGLE: Global Organization Of Oriented Group Language of Earth (ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ़ ओरिएंटेड ग्रुप लैंग्वेज ऑफ़ अर्थ) 



YAHOO: Yet Another Hierarchical Officious Oracle (यट अनेदर हिरार्चीकैल ओफ्फिसियस ओरेकल)


GPRS: General Packet Radio Service (जनरल पैकेट रेडियो सर्विस)


SIM : Subscriber Identity Module (सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल)

MMS: Multimedia Messaging Service (मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस)

SMS: Short Message Service (शॉर्ट मैसेज सर्विस)


WI-FI: Wireless Fidelity (वायरलेस फिडेलिटी)


GSM: Global System for Mobile Communication (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्यूनिकेशन)

CDMA: Code Division Multiple Access. (कोड डिविज़न मल्टिपल एक्सेस)

JPEG: Joint Photographic Expert Group (ज्वाइंट फ़ोटोग्राफिक एक्सपर्ट ग्रुप)


PDF: Portable Document Format (पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट) 


LMAO: Laughing My ASS Off (लाफिंग माई ऐश ऑफ)


LOL: Laughing Out Loud (लाफिंग आउट लाउड)

OK: Oll Korrect ( ऑल कोर्रेक्ट)

PNR: Passenger Name Record (पेसिंजर नेम रिकॉर्ड)

LCD: Liquid Crystal Display (लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले)

IFSC: Indian Financial System Code (इंडियन फाइनेंसियल सिस्टम कोड)

TRP: Television Rating Point (टेलिविजन रेटिंग प्वाइंट)

LED: Light Emitting Diode (लाइट एमिटिंग डायोड)

UFO- Unidentifiable Flying Object ( अन आईडेंटिफाइेबल फ्लाइंग ऑब्जेक्ट)

Thursday, October 20, 2016

इनकी है दुनिया में सबसे सुन्दर हैंडराइटिंग


इनकी है दुनिया में सबसे सुन्दर हैंडराइटिंग


आपने भी बहुत कोशिश की होगी की अच्छा लिखे लेकिन नहीं लिख पाए, बहुत से ऐसे लोग हैं जो अच्छा लिखने की कोशिश तो करते हैं लेकिन कामयाब नहीं हो पाते स्कूल के दिनों में तो हमारी टीचर्स भी हमसे बहुत परेशान रहती थी हम लिखते ही इतना गन्दा थे अक्सर हमारी नोटबुक में टीचर्स लिखती थी लेख सुधारों या improve your handwriting लाख कोशिशों के बाद भी हैंडराइटिंग नहीं सुधरी लेकिन आठवीं क्लास की प्रकृति मल्ला की हैंडराइटिंग ऐसी है की कोई विश्वास नहीं कर रहा है देखने में बिलकुल कंप्यूटर पर टाइप की हुई लगती है इसे दुनिया की सबसे सुन्दर हैंडराइटिंग माना जा रहा है


 प्रकृति मल्ला नेपाल की रहने वाली हैं और आठवीं में पढ़ती हैं

प्रकृति सैनिक आवासीय महाविद्यालय में आठवीं क्लास में पढ़ती हैं 

इनकी लखावट ने इन्हें मशहूर कर दिया है ऐसा माना जा रहा है की इनकी हैंडराइटिंग पूरी दुनिया में सबसे खूबसूरत है पहली बार देखने में इनकी हैंडराइटिंग डिज़ाइनर कंप्यूटर फॉन्ट जैसी लगती है

ये अजीब नाम वाले स्टेशन भारत में ही है


ये अजीब नाम वाले स्टेशन भारत में ही है

भारत में कुल 8000 रेलवे स्टेशन हैं मगर कुछ स्टेशन के नाम तो इतने मजेदार है की आप हस्ते हस्ते लोट पोट हो जाओगे वहीँ कुछ ऐसे भी हैं की  आप उनका  नाम भी सही से ना ले पाओ

1.डिवैन नगर

डिवैन नगर स्टेशन तृश्शूर, केरल का स्टेशन  है 0yk7awk1sbhbpi0pgyq2

2.उदगमंडलम

उदगमंडलम रेलवे स्टेशन ऊटी, तमिलनाडू राज्य में है 02vxqvk1yi9wsno61x3h

3.लोट्टेगोल्लहल्लि

इसे तो एक बार में पढना भी मुश्किल है लोट्टेगोल्लहल्लि रेलवे स्टेशन बंगलौर, कर्नाटक में है 4bsv5po0mo9t20htyl7o

4.टुंग

इसका नाम तो छोटा है लेकिन अजीब भी है टुंग रेलवे स्टेशन महाराष्ट्र राज्य में है 5654v1vpvnonsynt787q

5. काला बकरा

ये स्टेशन का नाम है अब हंसना मत कम से कम आप इसे पढ़ और याद तो  रख सकते हो, ये जालंधर, पंजाब में है c9t318s8flkhl3bueuw0

6.वेंकटनरसिम्हराजुवारिपेटा

इसे अगर पढना मुश्किल हो तो ऐसे पढ़िए वेँकट-नरसिंह-राजु-वारि-पेट, सोचिये अगर ट्रेन में किसी ने आपसे पूछ लिया कौन सा स्टेशन है तो आप क्या कहेंगे यह चित्तोड, आंध्रप्रदेश में है cavgl5potvfieg9bw5lk

7.कलट्टर बक गंज

यह अजीब स्टेशन बरेली, उत्तर प्रदेश में है hadna2bmne7c657zoesm

8. दीघा

यह स्टेशन पश्चिम बंगाल में है iwy1rteglhxk7re6c6w8

9. ईब

नाम से तो इसको हरयाणा राज्य में होना चाहिए पर यह ओडिशा में है jgo06kl65f9pg6j8a4fk

10.चिंचपोकली

ये कोई छिपकली का नाम नहीं है यह मुम्बई का रेलवे स्टेशन है nqrhi3ym6krshd3j32y4

11.सिंगापुर रोड

नाम पर मत जाना यह ओडिशा भारत में ही है p1qckylsnqfljkggwkr6

जानते हैं चेक पर लिखे नम्बरों का मतलब


जानते हैं चेक पर लिखे नम्बरों का मतलब


आमतौर पर चेक का इस्तेमाल सभी करते है इस दिए गए अमाउंट, साइन, नाम और चेक नंबर के बारे में सब जानते है। लेकिन आपने कभी इस पर लिखे 23 डिजिट के नंबर पर गौर किया है। इस पर लिखे हर नंबर का कुछ न कुछ मतलब होता है चलिए आज हम आपको बताते है इन 23 डिजिट का मतलब!

1. चेक नंबर

जैसा की आप तस्वीर में देख रहे है कि चेक के शुरुआत की 6 डिजिट चेक नंबर कहलाती है रिकॉर्ड के लिए चेक नंबर काम आता है।

2. एमआईसीआर कोड (MICR CODE)

इसका मतलब है Magnetic Ink Corrector Recognition होता है। यह सीरीज के अगले नौ अंक होते है यह नंबर दर्शाता है कि चेक किस बैंक से जारी हुआ है। इसे चेक रीडिंग मशीन पढती है। ये नौ अंक तीन भागों में बटें होते है।

सिटी कोड

सीरिज की पहली तीन डिजिट आपके शहर का पिन कोड को दर्शाती है जिसकी मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि चेक किस शहर से है।

बैंक कोड

अगली तीन डिजिट यूनिक कोड होता है। हर बैंक का यूनिक कोड होता है। उदाहरण के तौर पर ICICI का 229 आदि।

ब्रांच कोड

हर बैंक का ब्रांच कोड अलग होता है। यह कोड बैंक से जुड़े हर ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल किया जाता है।

3. बैंक अकाउंट नंबर

अगली छह डिजिट बैंक अकाउंट नंबर होती है। यह नंबर नयी चेक बुक्स में होता है। पहले की जो पुरानी चेक बुक्स होती थी उसमे यह नंबर नही होता था।

4. ट्रांस्जेक्शन आईडी

आखिरी की दो डिजिट ट्रांस्जेक्शन आईडी होती है। 29, 30 और 31 नंबर एट पार चेक को दर्शाते है। 09, 10 और 11 लोकल चेक को दर्शाते है।

Thursday, April 7, 2016

गर्मी से बचने के घरेलु उपाय

आया  मौसम  गर्मी ,लू का…… 


गर्मी से बचने के घरेलु उपाय

Summer Fighting Tips In Hindi

आया  मौसम  गर्मी ,लू का…… 

दोस्तों ,मई का महीना आ गया है और सूरज अपनी प्रखर किरणों की तीव्रता से संसार के जलियांश (स्नेह )को सुखा कर वायु में रूखापन और ताप बढ़ा कर मनुष्यों के शरीर के ताप की भी वृद्धि कर रहा है!
गर्मी में होने वाले आम रोग –गर्मी में लापरवाही के कारण सरीर में निर्जलीकरण (dehydration),लू लगना, चक्कर आना ,घबराहट होना ,नकसीर आना, उलटी-दस्त, sun-burn,घमोरिया जैसी कई diseases हो जाती हैं.
इन बीमारियों के होने में प्रमुख कारण-
  • गर्मी के मोसम में खुले शरीर ,नंगे सर ,नंगे पाँव धुप में चलना ,
  •  तेज गर्मी में घर  से खाली पेट या प्यासा बाहर जाना,
  • कूलर या AC से निकल कर तुरंत धुप में जाना ,
  • बाहर धुप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना ,सीधे कूलर या AC में बेठना ,
  • तेज मिर्च-मसाले,बहुत गर्म खाना ,चाय ,शराब इत्यादि का सेवन ज्यादा करना ,
  • सूती और ढीले कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपडे पहनना
इत्यादि कारण गर्मी से होने वाले रोगों को पैदा कर सकते हैं
हम कुछ छोटी-छोटी किन्तु महत्त्वपूर्ण बातो का ध्यान रख कर ,इन सबसे बचे रह कर ,गर्मी का आनंद ले सकते हैं!
उपचार से बचाव  बेहतर होता है,है ना?
तो चलिए हम कुछ वचाव के तरीके जानते हैं –
  • गर्मी में सूरज अपनी प्रखर किरणों से जगत के स्नेह को पीता रहता है,इसलिए गर्मी में मधुर(मीठा) ,शीतल(ठंडा) ,द्रव (liquid)तथा इस्निग्धा  खान-पान हितकर होता है!
  • गर्मी में जब भी घर  से निकले ,कुछ खा कर और पानी पी कर ही निकले ,खाली पेट नहीं
  • गर्मी में ज्यादा भारी (garistha),बासा भोजन नहीं करे,क्योंकि गर्मी में सरीर की जठराग्नि मंद रहती है ,इसलिए वह भारी खाना पूरी तरह पचा नहीं पाती और जरुरत से ज्यादा खाने या भारी खाना खाने से उलटी-दस्त की शिकायत हो सकती है
  • गर्मी में सूती और हलके रंग के कपडे पहनने चाहिये
  • चेहरा और सर रुमाल या साफी से ढक कर निकलना चाहिये
  • प्याज का सेवन तथा जेब में प्याज रखना चाहिये
  • बाजारू ठंडी चीजे नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजो का सेवन करना चाहिये
  • ठंडा मतलब आम(केरी) का पना,  खस,चन्दन गुलाब फालसा संतरा  का सरबत ,ठंडाई सत्तू, दही की लस्सी,मट्ठा,गुलकंद का सेवन करना चाहिये
  • इनके अलावा लोकी ,ककड़ी ,खीरा, तोरे,पालक,पुदीना ,नीबू ,तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिये
  • शीतल पानी का सेवन ,2 से 3 लीटर रोजाना
  • अगर आप योग के जानकार हैं ,तो सीत्कारी ,शीतली तथा चन्द्र भेदन प्राणायाम  एवं शवासन का अभ्यास कीजिये ये शारीर में शीतलता का संचार करते हैं
  • गर्मी के मोसम में खुले शरीर ,नंगे सर ,नंगे पाँव धुप में चलना ,
  •  तेज गर्मी में घर  से खाली पेट या प्यासा बाहर जाना,
  • कूलर या AC से निकल कर तुरंत धुप में जाना ,
  • बाहर धुप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना ,सीधे कूलर या AC में बेठना ,
  • तेज मिर्च-मसाले,बहुत गर्म खाना ,चाय ,शराब इत्यादि का सेवन ज्यादा करना ,
  • सूती और ढीले कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपडे पहनना
इत्यादि कारण गर्मी से होने वाले रोगों को पैदा कर सकते हैं
हम कुछ छोटी-छोटी किन्तु महत्त्वपूर्ण बातो का ध्यान रख कर ,इन सबसे बचे रह कर ,गर्मी का आनंद ले सकते हैं!
उपचार से बचाव  बेहतर होता है,है ना?
तो चलिए हम कुछ वचाव के तरीके जानते है